Atom Bomb & Nuclear Weapons in Hindi


एटम बमहमने परसों हिरोशिमा और नागासाकी पर हुए परमाणु हमले की भयानक जानकारी पेश की थी. किए हुए वादे के अनुसार आज मैं आपको एटम बम, परमाणु बम, न्यूक्लियर वैपन्स, नाभिकीय हथियार etc. सबके बारे में डिलेट में जानकारी और कुछ खौफनाक सवालों के जवाब देने वाला हूँ.

1. यदि 15 किलोटन के 100 न्यूक्लियर बमों का इस्तेमाल धरती पर हो जाए तो आसमान में काला धुंआ छा जाएगा, सूरज की रोशनी ठीक से धरती पर नही पहुंच पाएगी, आधी ओजोन लेयर खत्म हो जाएगी और ऐसी बीमारियों का जन्म हो जाएगा जिनका हम अंदाजा भी नही लगा सकते.

2. परमाणु बम का अविष्कार, द्वितीय विश्वयुद्ध के दौरान मैनहट्टन प्रोजेक्ट में काम करने वाले वैज्ञानिकों द्वारा किया गया था. ‘Robert Oppenheimer’ इस प्रोजेक्ट के डाॅयरेक्टर थे इन्हें ‘परमाणु बम का पिता’ भी कहा जाता है.

3. पहला परमाणु बम परीक्षण 16 July, 2015 को सुबह साढे पांच बजे न्यू मैक्सिकों के अलमोगार्डो में किया गया था. इस बम को ‘The Gadget’ नाम दिया गया था. इसमें 20 किलोटन TNT का प्रयोग किया गया था जिससे धमाका होने पर 600 मीटर ऊंची मशरूम जैसी आकृति बनी थी.

4. जो मिसाइल परमाणु हथियारों को ले जाने का कार्य करती है उनकी स्पीड 7 किलोमीटर प्रति सेकंड होती है. यानि, 400km/minute.

5. इस समय दुनिया के नौ देशों के पास लगभग 14,900 से ज्यादा परमाणु हथियार है. इनमें से 93% रूस और अमेरिका के पास है. ये पूरी मानव जाति को कई बार खत्म करने में सक्षम है.

6. किसी और देश के मुकाबले रूस के पास सबसे ज्यादा लगभग 7000 परमाणु हथियार है. इसके बाद अमेरिका (6800), फ्रांस (300), चीन (260), इंग्लैड (215), पाकिस्तान (120-130), भारत (110-120), इजरायल (80) और नार्थ कोरिया (10 से कम) का नंबर आता है.

7. न्यू मैक्सिकों में जहाँ दुनिया का पहले परमाणु बम का परीक्षण किया गया था आज उस जगह पर परमाणु बम संग्रहालय बना हुआ है. ‘ट्रिनिटी साइट’ नाम से मशहूर यह म्यूजियम साल में केवल 12 घंटे खुलता है. एक बार अप्रैल के पहले शनिवार को और एक बार अक्टूबर के पहले शनिवार को. इसकी खुलने की टाइमिंग 8am से 2pm है.

8. 1950 के आस-पास परमाणु बमों का परीक्षण करना ‘लाॅस वेगास’ शहर के पर्यटकों के लिए एक आकर्षण का केंद्र बन गया था. मेन सिटी से 80 किलोमीटर दूर ये परीक्षण किए जाते थे. पूरे शहर में परमाणु बम की मशरूम जैसी आकृति देखकर पार्टियाँ मनाई जाती थी. इसके चलते लाॅस वेगास शहर को ‘Atomic City’ भी कहा जाने लगा था.

9. अमेरिका परमाणु हथियार बनाने वाला पहला देश है. यह एकमात्र ऐसा देश भी है जिसने युद्ध के लिए परमाणु बम का इस्तेमाल किया. यह अकेला अपने परमाणु हथियारों पर सभी देशों द्वारा मिलाकर किए गए कुल खर्च से भी ज्यादा खर्च करता है.

10. शीत युद्ध के दौरान अमेरिका ने एक एटम बम चंद्रमा पर गिराने की भी सोची थी ताकि वे अपनी सेना की शक्ति का प्रदर्शन कर सके.

11. 1958 में, संयुक्त राज्य अमेरिका का एक न्यूक्लियर बम जाॅर्जिया के समुंद्र तट पर खो गया था. यह 2016 में कुछ पर्यटक गोतोखोरों को मिल गया. उन्होनें तुरंत 911 पर काॅल करके इस 3.9 मेगाटन के बम को डिफ्यूज करवा दिया.

12. 5,00,00,00,000 किलोग्राम के परमाणु बम में इतनी विस्फोटक शक्ति होती है जितनी पूरे दूसरे विश्वयुद्ध के दौरान प्रयोग की गई थी.

13. एक बड़े पैमाने की परमाणु लड़ाई होने से 150 मिलियन टन धुंआ वातावरण में फैल जाएगा. जिसकी वजह से शीत युग से भी अधिक ठंड हो जाएगी.

14. सीटी स्कैन कराने से आपके शरीर पर रेडियोएक्टिव रेडिएशन का उतना ही प्रभाव पड़ता है जितना हिरोशिमा विस्फोट के समय डेढ किलोमीटर दूर खड़े आदमी के शरीर पर पड़ा था. एक सीटी स्कैन से हमारे शरीर में 1-10 millisieversts तक रेडिएशन पहुंचती है.

15. परमाणु बम कितना शोर कर सकते है ?

परमाणु विस्फोट की तरंगे सुपरसोनिक होती है. यदि आप हमले वाली जगह पर ठीक बीच में खड़े हो तो धमाके की आवाज सुनने से पहले ही आपकी मौत हो जाएगी. परमाणु बम 240 से 280 dB तक की आवाज पैदा कर सकते है जबकि इंसान के कान सिर्फ 120 dB तक की आवाज सुन सकते है. धरती पर सबसे ज्यादा आवाज परमाणु बम ही करते है इसके बाद ज्वालामुखी का नंबर आता है.

16. क्या परमाणु बम भी Expire होते है ?

हाँ, परमाणु बम भी एक्सपायर होते है. लगभग सबकुछ जो मानव निर्मित है उसकी एक समय सीमा होती है. परमाणु बमों की समाप्ति तारीख इस चीज पर निर्भर करती है कि इसमें किस पदार्थ का प्रयोग किया गया है. इसमें प्रयोग किए गए पदार्थों को हाफ लाइफ के बाद बदलना होता है जैसे ट्रिटियम की हाफ लाइफ 12.3 साल, प्लूटोनियम की 24,100 साल, यूरेनियम की 4 अरब साल और थोरियम की 14 अरब साल होती है. समय-समय पर कुशल इंजीनियर इन्हें देखते रहते है और जिस चीज में थोड़ा-सा भी डिफेक्ट मिलता है उसे बदल देते हैं.

17. यदि पानी के अंदर परमाणु बम फोड़ दिया जाए तो क्या होगा ?

पानी की सत्तह के नीचे होने वाले परमाणु विस्फोट को “UNDEX” कहा जाता है. पानी के भीतर विस्फोट के प्रभाव कई चीजों पर निर्भर करता है, जिसमें विस्फोट से दूरी, विस्फोट की ऊर्जा, विस्फोट की गहराई और पानी की गहराई शामिल है. यदि पानी में परमाणु बम फोड़ दिया जाए तो आसपास के सारे तटीय जीव मर जाएगे. पानी में काफी रेडियोधर्मी तत्व मिल जाएगे. पानी के अंदर विस्फोट से उठने वाली तरंगे और सुनामी या भूकंप के दौरान उठने वाली तरंगे अलग-अलग होती है.

18. यदि आइंस्टीन पैदा नही होते तो क्या फिर भी हमारे पास परमाणु हथियार होते ?

अगर बीसवीं सदी के सबसे प्रसिद्द वैज्ञानिक आइंस्टीन कभी जन्मे ना होते तो हमारे पास परमाणु हथियार नही रहते, यह केवल एक मिथ है. क्योंकि विकास कभी रूकता नही है. आइंस्टीन को अगर हम किसी भी तरीके से इतिहास से गायब कर दें तो बहुत कम नाभिकीय हथियार प्रभावित होंगे क्योंकि वे नाभिकीय हथियारों के कोई मुख्य कर्ता-धर्ता नहीं थे. ये मिथ इसलिए पैदा हुआ, क्योंकि उस समय आइंस्टीन की इक्वेशन E=mc2 ज्यादा प्रसिद्ध थी और ज्यादातर लोग इसी सूत्र को नाभिकीय हथियारों को बनाने में मुख्य मानने लगे थे. उन्होनें ऊर्जा के बारे में जरूर लिखा परन्तु निर्मित करने की थ्योरी नहीं दी जिससे स्पष्ट है कि नाभिकीय हथियारों के उत्पादन से उनका कोई भी सीधा रिश्ता था ही नहीं.

ये तो हो गई एटम बम, परमाणु बम, न्यूक्लियर हथियार की जानकारी. जल्द ही हाइड्रोजन बम की भी पोस्ट डाली जाएगी. क्या न्यूक्लियर युद्ध में सब मारे जाएगे ? यदि परमाणु युद्ध होता है तो धरती की सबसे सेफ जगह कौन-सी होगी ? इन सवालों के जवाब आपको जल्द ही हमारी new website पर मिलेगी आप तब तक वेट करिए. आपको बता दिया जाएगा.

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हिरोशिमा और नागासाकी परमाणु बम से जुड़े 18 रोचक तथ्य, Hiroshima and Nagashaki in Hindi


Amazing Facts about Hiroshima and Nagashaki in Hindi – हिरोशिमा और नागासाकी पर गिराए गए परमाणु बमों के बारे में जानकारी

हिरोशिमा और नागासाकीजब 1945 में जापान के हिरोशिमा और नागासाकी पर परमाणु बम गिराया गया था तब इसकी बात पूरी दुनिया में चली थी. सब कह रहे था गलत किया, लेकिन अमेरिका कह रहा था ठीक किया. खैर छोड़िए, आज हम इस हमले की पूरी जानकारी रोचक तथ्यों के माध्यम से बताएगे.

1. पहला परमाणु बम 6 अगस्त, 1945 को सुबह सवा आठ बजे हिरोशिमा पर और दूसरा इसके ठीक तीन दिन बाद, 9 अगस्त को नागासाकी पर गिराया गया था. इसके बाद से आज तक हमले के लिए दोबारा परमाणु हथियार का इस्तेमाल नही हुआ.

2. हिरोशिमा पर बम गिराए जाने का फैसला बम गिरने से सिर्फ एक घंटा पहले लिया गया था.

3. हिरोशिमा पर गिराए गए बम का नाम “Little Boy” था. इसका वजन करीब 4000 किलो और लंबाई 10 फीट थी. इसमें यूरेनियिम की मात्रा 65 किलो थी, लेकिन जो विस्फोट हुआ वह सिर्फ 0.7g यूरेनियम की वजह से हुआ. यानि जिस पदार्थ की वजह से विस्फोट हुआ उसका वजन एक आलपिन या डाॅलर के नोट के बराबर भी नही था.

हिरोशिमा और नागासाकी

Little boy and Fat man

4. नागासाकी पर गिराए गए बम का नाम “Fat Man” था. इसका वजन करीब 4500 किलो और लंबाई 11.5 फीट थी. इसमें 6.4 किलो प्लूटोनियम का प्रयोग किया गया था जो यूरेनियम से कही ज्यादा शक्तिशाली था.

5. नागासाकी पर गिराए जाने वाला बम पहले जापान के कोकुरा शहर पर गिराया जाना था लेकिन उस समय कोकुरा शहर का मौसम साफ नही था और बादल भी घने थे इसलिए अमेरिकी सेना ने बम नागासाकी पर ही गिरा दिया. यही बम क्योटो शहर पर गिराने का भी प्लान बनाया गया था. लेकिन युद्ध के सेक्रेट्री हेनरी स्टिमसन ने इसे बदलवा दिया क्यूंकि उन्होंने अपनी पत्नी के साथ यहाँ पर हनीमून मनाया था और उनकी कई यादें इस शहर से जुडी हुई थी.

6. हिरोशिमा पर जो बम गिराया गया उसे ले जाने वाले विमान का नाम “Enola Gay” था. इस विमान में साइनाइड की 12 गोलियाँ भी रखी गई थी, ताकि यदि मिशन फेल हो जाता है तो सारे ऑफिसर उन्हें खा लें. जिस विमान से दूसरा बम गिराया गया उसका नाम “Bockscar” था.

7. बम गिरने की वजह से हिरोशिमा और नागासाकी के करीब 2,46,000 लोग मारे गए थे. लगभग 1 लाख लोग तो बम गिरते ही मारे गए थे और बाकी के अगले कुछ सालों में कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों से मर गए.

8. हिरोशिमा हमले के समय बम फटने वाली जगह का तापमान 3,00,000°C और उसके नीचे जमीन का तापमान लगभग 4,000 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया था, जो स्टील को पिघलाने के लिए काफी होता है. इस हमले से 1005 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से आंधी चली थी और 10 वर्ग किलोमीटर में गहरे गढ्ढे बन गए थे और 500 मीटर तक 19 tons per square inch का प्रेशर create हुआ था. यह किसी भी विशाल बिल्डिंग को हवा में उड़ाने के लिए काफी था.

9. नागासाकी और हिरोशिमा आज रेडियोएक्टिव फ्री है. क्योंकि दोनो परमाणु बम जमीन से कुछ सौ फीट की ऊंचाई पर हवा में फटे थे.

10. हिरोशिमा हमले के एक महीने बाद शहर में एक चक्रवात आया था जिसका वजह से 2000 और लोग मारे गए.

11. हिरोशिमा बम हमले में एक दर्जन अमेरिकी भी मारे गए थे, ये बात अमेरिका को 1970 में पता चली.

12. हिरोशिमा पर हमले के बाद एक पुलिसवाला नागासाकी गया था और वहाँ की पुलिस को हमले के लिए सचेत कर दिया इसका रिजल्ट ये रहा, कि नागासाकी परमाणु हमला में एक भी पुलिस वाले की मौत नही हुई.

13. शिकेगी तनाका (Shikegi Tanaka) जो हिरोशिमा हमले के समय 13 साल का था, उसने विस्फोट को 20 मील दूर से देखा था. परमाणु हमले से बचा हुआ यह आदमी छः साल बाद 1951 में बोस्टन गया और वहाँ मैराथन जीतकर दिखाई.

14. सुतोमो यामागुच्ची दोनो बम हमलों से पीड़ित व्यक्ति था. दरअसल हुआ ये कि जब हिरोशिमा पर बम गिरा तब वो यही था फिर वो अपने गाँव नागासाकी चला गया फिर वहाँ पर भी बम गिरा दिया गया. लेकिन ये इतना भाग्यशाली था कि दोनों बार बच गया. इसकी मौत 2010 में पेट के कैंसर से हुई.

15. हिरोशिमा और नागासाकी पर बम गिराने से पहले अमेरिका ने जापान पर 49 बम अभ्यास के तौर पर गिराए थे. जिसमें 400 लोगो की मौत और 1200 लोग घायल हुए थे.

16. नागासाकी परमाणु हमले के छः दिन बाद जापान के राजा हिरोहित्तो (Hirohito) ने अमेरिकी सेना के सामने आत्म समर्पण कर दिया. यह घोषणा रेडियों पर की गई थी और ज्यादातर जापानियों ने उसकी आवाज पहली बार सुनी थी. अगर जापान सरेंडर नही करता तो अमेरिका ने 19 अगस्‍त को एक और शहर पर परमाणु बम गिराने की योजना बनाई थी.

17. अमेरिका ने आज तक परमाणु हमलों के लिए जापान से माफी नही मांगी. बराक ओबामा पहले ऐसे अमेरिकी राष्ट्रपति है जिसने हमले के 71 साल बाद हिरोशिमा की यात्रा की.

18. जापान ने, 1964 में बम हमलों से ग्रसित व्यक्तियों के सम्मान में एक ज्वाला प्रज्वलित की थी जो आज तक चल रही है. यह उस दिन बुझाई जाएगी जिस दिन दुनिया से सभी परमाणु बम खत्म हो जाएगे और ये दुनिया परमाणु हमले से भयमुक्त हो जाएगी.

ये तो थी सिर्फ हमले की जानकारी. कल आपको नई पोस्ट के माध्यम से एटम बम, हाइड्रोजन बम etc. इन सबकी जबरदस्त जानकारी दी जाएगी. जैसे: परमाणु बम की expiry date क्या होती है ? परमाणु बम से कितना शोर पैदा होता है ? दुनिया का सबसे शक्तिशाली बम कितनी तबाही मचा सकता है ? और भी बहुत कुछ. ऐसे ही और भी ग़ज़ब सवालों के जवाब. कल रात 9 बजे ये पोस्ट पढ़ना न भूलें. धन्यवाद.

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मधुमक्खियों से जुड़े 24 रोचक तथ्य, Honey Bee in Hindi


Amazing Facts about Honey Bee in Hindi – मधुमक्खियों के बारे में रोचक तथ्य

मधुमक्खियोंमधुमक्खी अपनी जिंदगी में कभी नही सोती. ये इतनी मेहनती होती है कि पूछो मत! बेचारी एक बूंद शहद के लिए दूर-दूर तक उड़ती है. आजकल तो फिर भी कम हो गए लेकिन पहले मधुमक्खियों के छत्ते जगह-जगह पेड़ो पर, दीवारों पर लटके मिल जाते थे. आपके मन में उस समय कुछ सवाल आए होगे, चलिए आज रोचक तथ्यों के माध्यम से Honey Bee से जुड़ी हर जानकारी से आपको रूबरू करवाते है…

1. मधुमक्खियों की 20,000 से ज्यादा प्रजातियाँ है लेकिन इनमें से सिर्फ 4 ही शहद बना सकती है.

2. एक छत्ते में 20 से 60 हजार मादा मधुमक्खियाँ, कुछ सौ नर मधुमक्खियाँ और 1 रानी मधुमक्खी होती है. इनका छत्ता मोम से बना होता है जो इनके पेट की ग्रंथियों से निकलता है.

3. मधुमक्खी धरती पर अकेली ऐसी कीट (insects) है जिसके द्वारा बनाया गया भोजन मनुष्य द्वारा खाया जाता है.

4. केवल मादा मधुमक्खी ही शहद बना सकती है और डंक मार सकती है. नर मधुमक्खी (drones) तो केवल रानी के साथ सेक्स करने के पैदा लिए होते है.

5. किसी आदमी को मारने के लिए मधुमक्खी के 1100 डंक काफी है.

6. मधुमक्खी, शहद को पहले ही पचा देती है इसलिए इसे हमारे खून तक पहुंचने में केवल 20 मिनट लगती है.

7. मधुमक्खी 24KM/H की रफ्तार से उड़ती है और एक सेकंड में 200 बार पंख हिलाती है. मतलब, हर मिनट 12,000 बार.

8. कुत्तों की तरह मधुमक्खियों को भी बम ढूंढना सिखाया जा सकता है. इनमें 170 तरह के सूंघने वाले रिसेप्टर्स होते है जबकि मच्छरों में सिर्फ 79.

9. मधुमक्खी फूलों की तलाश में छत्ते से 10 किलोमीटर दूर तक चली जाती है. यह एक बार में 50 से 100 फूलों का रस अपने अंदर इकट्ठा कर सकती है. इनके पास एक एंटिना टाइप छड़ी होती है जिसके जरिए ये फूलों से ‘nectar’ चूस लेती है. इनके पास दो पेट होते है कुछ nectar तो एनर्जी देने के लिए इनके मेन पेट में चला जाता है और बाकी इनके दूसरे पेट में स्टोर हो जाता है. फिर आधे घंटे बाद ये इसका शहद बनाकर मुंह के रास्ते बाहर निकाल देती है. जिसे कुछ लोग उल्टी भी कहते है. (नोट: nectar में 80% पानी होता है मगर शहद में केवल 14-18% पानी होता है.)

10. 1 किलो शहद बनाने के लिए पूरे छत्ते को लगभग 40 लाख फूलों का रस चूसना पड़ता है और 90,000 मील उड़ना पड़ता है, यह धरती के तीन चक्कर लगाने के बराबर है.

11. पूरे साल मधुमक्खियों के छत्ते के आसपास का तापमान 33°C रहता है. सर्दियों में जब तापमान गिरने लगता है तो ये सभी आपस में बहुत नजदीक हो जाती है ताकि गर्मी बनाई जा सके. गर्मियों में ये अपने पंखों से छत्ते को हवा देते है आप कुछ दूरी पर खड़े होकर इनके पंखो की ‘हम्म’ जैसी आवाज सुन सकते है.

12. एक मधुमक्खी अपनी पूरी जिंदगी में चम्मच के 12वें हिस्से जितना ही शहद बना पाती है. इनकी जिंदगी 45 दिन की होती है.

13. नर मधुमक्खी, सेक्स करने के बाद मर जाती है. क्योंकि सेक्स के आखिर में इनके अंडकोष फट जाते है.

14. नर मधुमक्खी यानि Drones का कोई पिता नही होता, बल्कि सीधा दादा या माता होती है. क्योंकि ये unfertilized eggs से पैदा होते है. ये वो अंडे होते है जो रानी मधुमक्खी बिना किसी नर की सहायता के स्वयं अकेले पैदा करती है. इसलिए इनका पिता नही होता केवल माता होती है.

15. शहद में ‘Fructose’ की मात्रा ज्यादा होने की वजह से यह चीनी से भी 25% ज्यादा मीठा होता है.

16. शहद, हजारों साल तक भी खराब नही होता. यह एकमात्र ऐसा फूड है जिसके अंदर जिंदगी जीने के लिए आवश्यक सभी चीजें पाई जाती है: Enzymes: इसके बिना हम सांस ली गई ऑक्सीजन का भी प्रयोग नही कर सकते, Vitamins: पोषक तत्व, Minerals: खनिज पदार्थ, Water: पानी etc. यह अकेला ऐसा भोजन भी है जिसके अंदर ‘pinocembrin’ नाम का एंटीऑक्सीडेंट पाया जाता है जो दिमाग की गतिविधियाँ बढ़ाने में सहायक है.

17. रानी मधुमक्खी पैदा नही होती बल्कि यह बनाई जाती है. यह 5-6 दिन की होते ही सेक्स करने के लायक हो जाती है. ये नर मधुमक्खी को आकर्षित करने के लिए हवा में ‘pheromone’ नाम का केमिकल छोड़ती है. जिससे नर भागा चला आता है फिर ये दोनों हवा में सेक्स करते है.

18. रानी मधुमक्खी की उम्र 5 साल तक हो सकती है. यह छत्ते की अकेली ऐसी मेम्बर है जो अंडे पैदा करती है. यह गर्मियों में बहुत बिजी हो जाती है क्योंकि इस समय छत्ते की जनसंख्या maximum हो जाती है. ये जिंदगी में एक ही बार सेक्स करती है और अपने अंदर इतने स्पर्म इकट्ठा कर लेती है कि फिर उसी से पूरी जिंदगी अंडे देती है. यह एक दिन में 2000 अंडे से सकती है. मतलब, हर 45 सेकंड में एक.

19. 28 ग्राम शहद से मधुमक्खी को इतनी शक्ति मिल जाती है कि वो पूरी धरती का चक्कर लगा देगी.

20. धरती पर मौजूद सभी जीव-जंतुओं में से, मधुमक्खियों की भाषा सबसे कठिन है. 1973 में ‘Karl von Frisch’ को इनकी भाषा “the waggle dance” को समझने के लिए नोबेल पुरस्कार मिला था.

21. एक छत्ते में 2 रानी मधुमक्खी नही रह सकती, अगर रहेगी भी तो केवल थोड़े समय के लिए. क्योंकि जब दो queen bee आपस में मिलती है तो वे दोस्ती करने की बजाय एक दूसरे पर हमला करना पसंद करती है. और ये तब तक जारी रहता है जब तक एक की मौत न हो जाए.

22. रानी मधुमक्खी (Queen Bee) पैदा क्यों नही होती, ये बनाई क्यों जाती है ?
Ans. वर्कर मधुमक्खियाँ मौजूदा क्वीन के अंडे को फर्टीलाइज़ करके मोम की 20 कोशिकाएँ तैयार करती है. फिर युवा नर्स मधुमक्खियाँ, queen के लार्वा से तैयार एक विशेष भोजन जिसे ‘Royal Jelly’ कहा जाता है, कि मदद से मोम के अंदर कोशिकाएँ निर्मित करती है. ये प्रकिया तब तक जारी रहती है जब तक कोशिकाओं की लंबाई 25mm तक न हो जाए. निर्माण की प्रकिया के 9 दिन बाद ये कोशिकाएँ मोम की परत से पूरी तरह ढक दी जाती है. आगे चलकर इसी से रानी मधुमक्खी तैयार होती है.

23. यदि छत्ते की रानी मधुमक्खी मर जाए तो क्या होगा ?
Ans. रानी मधुमक्खी लगातार एक खास़ तरह का केमिकल ‘फेरोमोन्स’ निकालती रहती है जब यह मर जाती है तो काम करने वाली मधुमक्खियों को इसकी महक मिलनी बंद हो जाती है. जिससे उन्हें पता चल छाता है कि रानी या तो मर गई या फिर छत्ता छोड़कर चली गई. रानी मधुमक्खी के मरने से पूरे छत्ते का विनाश हो सकता है क्योंकि यदि ये मर गई तो फिर नए अंडे कौन पैदा करेगा. इसकी मौत के बाद काम करने वाली मधुमक्खियों को सिर्फ 3 दिन के अंदर-अंदर कोशिका निर्माण कर नई queen bee बनानी पड़ती है.

24. यदि धरती की सारी मधुमक्खी खत्म हो जाए तो क्या होगा ?
Ans. अगर ऐसा हुआ तो मानव जीवन भी धीरे-धीरे खत्म हो जाएगा. क्योंकि धरती पर मौजूद 90% खाद्य वस्तुओं का उत्पादन करने में मधुमक्खियों का बहुत बड़ा हाथ है. बादाम, काजू, संतरा, पपीता, कपास, सेब, काॅफी, खीरे, बैंगन, अंगूर, कीवी, आम, भिंडी, आड़ू, नाश्पाती, मिर्च, स्ट्राबेरी, किन्नू, अखरोट, तरबूज आदि का परागन मधुमक्खी द्वारा होता है. जबकि गेँहू, मक्कें और चावल का परागण हवा द्वारा होता है. इनके मरने से 100 में 70 फसल तो सीधे तौर पर नष्ट हो जाएगी, यहाँ तक कि घास भी नही उगेगा. महान वैज्ञानिक ‘अल्बर्ट आइंस्टीन’ ने भी कहा था कि अगर धरती से मधुमक्खियाँ खत्म हो गई तो मानव प्रजाति ज्यादा से ज्यादा 4 साल ही जीवित रह पाएगी.

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कछुओं से जुड़े 21 ग़ज़ब रोचक तथ्य, Tortoise in Hindi


Amazing Facts about Tortoise in Hindi – कछुओं के बारे में रोचक तथ्य

कछुओंयदि धरती पर मौजूद सभी जीव-जंतुओ, पशुओं, मनुष्यों की बात की जाए तो सबसे ज्यादा उम्र कछुए की होती है. आज हम कछुओं के बारे में आपको 20 रोचक तथ्य बताने जा रहे है…

1. कछुए पिछले 20 करोड़ सालों से धरती पर रह रहे है. वैज्ञानिकों को इनका जो आखिरी जीवाश्म मिला है वह 12 करोड़ साल पुराना है. ये साँप, छिपकली, मगरमच्छ और पक्षियों से पहले धरती पर आए थे.

2. हर साल 23 मई को विश्व कछुआ दिवस मनाया जाता है. एक tortoise, turtle होता है लेकिन turle, tortoise नही होता. और अच्छे से समझो, सभी रेंगने वाले और कवच वाले जीव, जो cheloni परिवार से संबंध रखते है उन्हें turtle कहते है. और स्थानीय कछुओं को tortoise कहते है.

3. कछुओं की 318 से ज्यादा प्रजातियाँ इस धरती पर मौजूद है. इनमें से कुछ थल पर और कुछ जल में रहती है. बहुत-सी प्रजातियाँ विलुप्ति की कगार पर है.

4. कछुए जहरीले नही होते. ना ही इनके काटने पर जहर निकलता है और ना ही इन्हें खाते समय.

5. कछुओ के लिंग का पता लगाना इतना आसान भी नही है, जितना आप सोचते है. इनकी छाती का कवच सबसे आसान तरीका है नर और मादा की पहचान करने के लिए. अक्सर नर कछुए मादा से थोड़े लंबे और इनकी पूँछ भी मादा से लंबी ही होती है. ये यही से सेक्स भी करते है.

6. कछुए जितने गर्म मौसम में रहेंगे उनके कवच का रंग उतना ही हल्का होगा. जिन कछुओं के कवच का रंग गहरा होता है वो उतने ही ठंडे इलाके में रहते है.

7. प्राचीन रोमन मिलिट्री, कछुओं से बहुत प्रभावित हुई थी. कछुओं से ही उन्होनें लाइनें बनाना और ढाल को सिर के ऊपर रखना सीखा ताकि दुश्मन से सुरक्षित रहा जाए.

8. कछुए अंडो के सहारे नए बच्चे पैदा करते है. मादा कछुए पहले मिट्टी खोदते है फिर वहाँ एक बार में 1 से 30 अंडे देते है. अंडो से बच्चे निकलने में 90 से 120 दिन लग जाते है.

9. कछुए अपने आकार की वजह से सेक्स के लायक होते है ना कि उम्र की वजह से. सेक्स करने के लिए इनका छाती का कवच बहुत भूमिका निभाता है जो कि मादा का बिल्कुल सीधा और नर का थोड़ा घुमावदार होता है.

10. कछुओं के मुंह में दाँत नही होते, बल्कि एक तीखी प्लेट की तरह हड्डी का पट्ट होता है जो भोजन चबाने में इनकी सहायता करता हैं.

11. कछुओ को अपने कवच में छुपने से पहले फेफड़ो को खाली करना पड़ता है. छिपने से पहले आप उन्हें साँस छोड़ते हुए सुन सकते है.

12. 1968 में सेवियत संघ का पहला यान चाँद का चक्कर लगाकर वापिस धरती पर लौटा था. इसमें कछुओं को बैठाया गया था. वापिस आने पर पता चला कि कछुओं का वजन 10% कम हो गया है.

13. कछुए ठंडे खून वाले होते जीव है. ठंड में इनका शरीर जम जाता है और ये शीतनिंद्रा में चले जाते है.

14. कुछ खास तरह के कछुए अपने पिछवाड़े (butts) से भी सांस ले सकते हैं.

15. समुंद्री कछुओं का कवच सेंसेटिव होता है. वो यहाँ से हर रगड़ और खरोंच को महसूस कर सकते है.

16. कुछ कछुए 150 या उससे ज्यादा साल तक जीवित रह सकते है. एक ‘Harriet’ नाम का कछुआ, जिसकी देखभाल ‘Charles Darwin’ (इंसान को बंदर की औलाद बताने वाला) द्वारा 1835 में की गई थी उसकी मौत 2006 में australia के चिड़ियाघर में हुई. मरते समय इसकी उम्र 175 साल रही होगी.17. कछुए बहुत धीमी गति से चलते है. ये धरती पर चौथे सबसे slow animal है. लगभग सभी कछुए 270 मीटर प्रति घंटा (6.4km/day) की रफ्तार से चलते है. अब तक किसी कछुए की अधिकत्तम स्पीड 11 इंच प्रति सेकंड यानि 8 किलोमीटर प्रति घंटा दर्ज की गई है.

18. कछुए आम तौर पर कोई आवाज नही निकालते, सिर्फ सेक्स करते समय ही नर कछुओं की फुफ-कार जैसी आवाज सुनाई पड़ती है. ‘जुरासिक पार्क’ फिल्म में जो डायनासोरों की आवाज है वो असल में कछुओं की सेक्स करते समय निकलने वाली आवाज है.

19. अभी धरती पर जो सबसे ज्यादा उम्र का जीवित प्राणी है वो एक ‘Jonathan’ नाम का कछुआ है. जब ये 50 साल का था तब ‘Saint Helena’ के गवर्नर को अफ्रीका के एक छोटे से टापू की तरफ से गिफ्ट में मिला था. आज यह 187 साल का है और स्वस्थ हालत में है. इसकी लंबाई 45 इंच और ऊंचाई 2फीट है. ये यहाँ इतना प्रसिद्ध है कि सेंट हेलिना के 5 सेंट के सिक्के के पिछले भाग पर इसकी तस्वीर है.

20. क्या कछुए को बिना मारे उसके कवच को उतारा जा सकता है ? क्या कछुए बिना कवच के जिंदा रह सकते है ?

कवच कोई वस्तु नही है जो वो अपने शरीर पर रखकर चलते है बल्कि ये इनके शरीर का एक हिस्सा है जो नसों से जुड़ा होता है. शरीर के साथ-साथ इनके कवच का भी विकास होता है. जिस तरह इंसान के शरीर से रीढ्ढ की हड्डी को अलग नही किया जा सकता उसी तरह बिना मारे कछुओं के कवच को भी अलग नही कर सकते. कृप्या कछुए को उसके कवच से अलग करने की कोशिश न करे, जानवरों के प्रति प्रेम दिखाए.

21. कछुए का कवच कितना मजबूत होता है ?

इनका कवच इतना मजबूत होता है कि ये गोली, कुते और मगरमच्छ तक का भी सामना कर सकता है. यह 60 तरह की हड्डियों से मिलकर बना होता है जो सभी आपस में जुड़ी रहती है. इनके कवच को तोड़ने के लिए इनके वेट से 200 गुना ज्यादा वजन और कई हजार का प्रेशर चाहिए. बाज नाम का पक्षी इनके कवच को तोड़ने के लिए एक तरकीब लगता है. वह कछुए को अपने पंजो में लेकर बहुत ऊपर उड़ जाता है और फिर उसे वहाँ से पत्थरों या पहाड़ियों पर गिरा देता है जिससे उसका कवच टूट जाता है.

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